Sant Nirankari Mission provides support to families affected by disaster on Indo-Pak border

भारत-पाक सीमा पर हड़ प्रभावित परिवारों को मिला संत निरंकारी मिशन का सहारा

Sant Nirankari Mission provides support to families affected by disaster on Indo-Pak border

Sant Nirankari Mission provides support to families affected by disaster on Indo-Pak border

Sant Nirankari Mission provides support to families affected by disaster on Indo-Pak border- पठानकोटI भारत-पाक सीमा से सटे हड़ प्रभावित आधा दर्जन गांवों के करीब 60 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इन परिवारों को संत निरंकारी भवन नरोट जैमल सिंह में शरण दी गई है। यहां न केवल उनके रहने की व्यवस्था की गई है बल्कि भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी संत निरंकारी मिशन द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

संत निरंकारी ब्रांच नरोट जैमल सिंह के संयोजक महात्मा बंसी लाल ने बताया कि यह सब निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से पीड़ित परिवारों की सेवा करने का ब्रांच नरोट जेमल सिंह को अवसर मिला है । जिसे निभाने के लिए ही संतों महापुरुषों द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है ।

उन्होंने बताया कि कोहलियां, पम्मा, भोआ, खड़कड़ा समेत कई गांवों के प्रभावित परिवारों को भवन में तब तक रखा जाएगा, जब तक मौसमी हालात सामान्य नहीं हो जाते।

जोनल इंचार्ज महात्मा मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य सदैव मानवता की सेवा और जनकल्याण रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन समय-समय पर रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, निःशुल्क चिकित्सा परामर्श केंद्र और नेत्र शिविर आयोजित करता आ रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं में भी राहत कार्यों में मिशन हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता है। मिशन की इन सेवाओं को देखते हुए राज्य सरकारें समय-समय पर इसे सम्मानित और सराहना करती रही हैं। इस राहत कार्य से प्रभावित परिवारों को जहां एक ओर सुरक्षित ठिकाना मिला है, वहीं दूसरी ओर यह मानवता के वास्तविक स्वरूप की जीवंत मिसाल भी बन गया है।